औपनिवेशिक शहर ब्रिटिश शासकों की वाणिज्यिक संस्कृति को कैसे प्रतिबिंबित करते थे?

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Prashan Patr Staff asked 2 months ago

औपनिवेशिक शहर ब्रिटिश शासकों की वाणिज्यिक संस्कृति को कैसे प्रतिबिंबित करते थे?

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Prashan Patr Staff answered 2 months ago

औपनिवेशिक शहर नए शासकों की वाणिज्यिक संस्कृति को दर्शाते थे। राजनीतिक सत्ता और संरक्षण भारतीय शासकों की बजाय ईस्ट इंडिया कंपनी के व्यापारियों के हाथ में जाने लगा। इन नए शहरों में दुभाषिए, बिचौलिए, व्यापारी और माल आपूर्तिकर्ता के रूप में काम करने वाले भारतीयों का भी एक महत्त्वपूर्ण स्थान था। नदी या समुद्र के किनारे आर्थिक गतिविधियों से गोदियों और घाटियों का विकास हुआ। समुद्र किनारे गोदाम, वाणिज्यिक कार्यालय, जहाज़रानी उद्योग के लिए बीमा एजेंसियाँ, यातायात डिपो तथा बैंकों की स्थापना होने लगी। कंपनी के मुख्य प्रशासनिक कार्यालय समुद्र तट से दूर बनाए गए। कलकत्ता में स्थित राइटर्स बिल्डिंग इसी तरह का एक कार्यालय था। यहाँ “राइटर्स” से अभिप्राय क्लर्कों से है। यह ब्रिटिश शासन में नौकरशाही के बढ़ते महत्त्व का संकेत था। किले की चारदिवारी के आस-पास यूरोपीय व्यापारियों और एजेंटों ने यूरोपीय शैली के भव्य मकान बना लिए थे। कुछ यूरोपियों ने शहर की सीमा से सटे उपशहरी इलाकों में बगीचा घर (Garden House) बना लिए थे। शासक वर्ग के लिए नस्ली विभेद पर आधारित क्लब, रेसकोर्स और रंगमंच भी बनाए गए।

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